मंद मंद पवन में उमड़ती
नव युविका क्यारी के बीच
पुष्पों की माला से अनुरंजित
एक और पुष्प उसका मुख
दासियों से घिरी मधु रानी
या टिम टिम में छनी चांदनी
उसकी सुंदरता सूर्य की धुरी
किसी चहकती उड़ान को हाँ हाँ करती
Sबंद कली से स्वप्न अंकुरित
करती
विभिन्न वर्ण उगलती अपनी पंखुड़ी से
समय के साथ ज्ञान बीज बिखेरती
हर बार विलीन हो नयी पौध की जननी
ऐसी सरल और सुन्दर पुष्पमुखी युवती
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