Thursday, 14 December 2023

 

मैदाने जंग से हम शायरी कर क्या लौटे

बौखलाया दुश्मन मुकरर करता रहा

गमे दिल की बात को गौर से सुनकर

मुसलसल बिन वार ही वो मरता रहा

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