Wednesday, 11 March 2026

 तेरी ख़ामोशी में अलफ़ाज़ क्या पिरोये 

शायरी के बहाने इज़हार ए इश्क़ कर गए 

हमारे जानाज़े पर तुमने सुभानअल्लाह क्या कहा 

हम ज़िंदा थे और कफ़न ओढ़कर मर गए

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