ना बहाओ अपने बेशकीमती अश्क़ मेरे जानाज़े पर
कि क़त्ल करने वालों को अब से क़ब्र का दीदार होगा
ज़िन्दगी तो खैर चाहने वालों ने दफ़न कर दी कब से
आज तो तबाह करने वालों का मुस्कराकर दीदार होगा
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