Tuesday, 12 May 2026

चक्रवात

  

तूफ़ान में उफाँ भरता, मंद वायु में जान भरता 

प्रचंड वेग से अखंड मेघ लाता है चक्रवात

जलद का टकराना समीरण का चकराना 

परस्पर भेद का अश्वमेध कराता है चक्रवात 

निर्भीक गज- अबाध और सर्वदा अग्रज 

समर उपरान्त खेद व्योम में छेद करता है चक्रवात 

कोप की वृष्टी, बिखरी हुई सृष्टि 

भंगुर मेघ में रजत रेघ, भरता है चक्रवात

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